सर मेरी बेटी बहुत पडी लिखी है मन से ही शादी बच्चे सब कुच किया है मै मा हु ओ सब सुख मी ल्ने के लिये बहुत लाड प्यार से रखा और मेरा जीवन जी रही हु मगर बार बार मेरे ही पास आती है और बहुत बुरा बोलती है स्वार्थ भाव है क्या करु अब लग रहा है इतनी भावना बदलती है
Question
सर मेरी बेटी बहुत पडी लिखी है मन से ही शादी बच्चे सब कुच किया है मै मा हु ओ सब सुख मी ल्ने के लिये बहुत लाड प्यार से रखा और मेरा जीवन जी रही हु मगर बार बार मेरे ही पास आती है और बहुत बुरा बोलती है स्वार्थ भाव है क्या करु अब लग रहा है इतनी भावना बदलती है
Solution
आपकी भावनाओं को समझता हूँ। यह बहुत कठिन हो सकता है जब आपकी बेटी आपसे अच्छा व्यवहार नहीं करती है। यहां कुछ सुझाव हैं:
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संवाद: आपकी बेटी के साथ बातचीत करने की कोशिश करें। उसे बताएं कि आपको उसके व्यवहार से कैसा महसूस होता है। शायद वह समझ नहीं पा रही हो कि उसके शब्द आपको कितना दुःख देते हैं।
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समझौता: हर व्यक्ति की अपनी भावनाएं और विचारधारा होती हैं। शायद आपकी बेटी की भी कुछ अपनी सोच हो। उसे समझने की कोशिश करें।
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मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें: अगर आपकी बेटी का व्यवहार लगातार नकारात्मक रहता है, तो शायद उसे किसी मनोवैज्ञानिक से मिलने की जरूरत हो।
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प्यार और समर्थन: अगरचे यह कठिन हो सकता है, लेकिन अपनी बेटी के प्रति प्यार और समर्थन जताते रहें। वह आपकी बेटी है और आपका प्यार उसे सही रास्ते पर ले जा सकता है।
याद रखें, यह समय लेगा और आपको धैर्य रखना होगा। आपकी बेटी को भी समय चाहिए होगा अपने व्यवहार को बदलने के लिए।
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