Knowee
Questions
Features
Study Tools

आपका नाम रोहित या रोहिणी है। विदेश में रह रहे अपने अनुज के जंक फूड के प्रति प्रेम को देखते हुए उसे प्रातःकाल की सैर और पौष्टिक भोजन के महत्त्व को समझाते हुए पत्रलिखिए ।

Question

आपका नाम रोहित या रोहिणी है। विदेश में रह रहे अपने अनुज के जंक फूड के प्रति प्रेम को देखते हुए उसे प्रातःकाल की सैर और पौष्टिक भोजन के महत्त्व को समझाते हुए पत्रलिखिए ।

🧐 Not the exact question you are looking for?Go ask a question

Solution

प्रिय अनुज,

मैं उम्मीद करता हूं कि तुम अच्छे होगे और विदेश में अपनी नई जिंदगी का आनंद ले रहे होंगे। मैंने सुना है कि तुमने जंक फूड की तरफ झुकाव बढ़ा लिया है। मैं तुम्हें यह समझाना चाहता हूं कि जंक फूड का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

प्रातःकाल की सैर और पौष्टिक भोजन का महत्त्व अद्वितीय है। प्रातःकाल की सैर से हमारे शरीर को ताजगी मिलती है और हमारे मन को शांति मिलती है। यह हमारे दिन की शुरुआत को सकारात्मक बनाती है।

पौष्टिक भोजन से हमारे शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है, जो हमें बीमारियों से बचाता है और हमारी ऊर्जा को बनाए रखता है। जंक फूड के विपरीत, पौष्टिक भोजन हमें लंबे समय तक स्वस्थ रखता है।

मैं उम्मीद करता हूं कि तुम इस पत्र को पढ़कर अपनी आदतों में बदलाव करोगे और अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दोगे। ध्यान रखो और खुश रहो।

आपका भाई, रोहित/रोहिणी

This problem has been solved

Similar Questions

सर जी हम अपनी इच्छाओं से कैसे मुक्ति पाए इस पर भी एक वीडियो बनाए । एक इच्छा पूरी होती नही की दूसरी उठने लगती ओर मन इच्छाओं से भर जाता हैं ओर हम इस दुष्चक्र में फसकर रह जाते दिमाग शांत नही रह पाता है एक के उपर एक कुछ ना कुछ प्राप्त करने की इच्छा लगातार हमारे काम के प्रति प्रयासों ओर एकाग्रीता को कमजोर बना देती हैं आपसे से बहुत बड़ी request की आप इस पर जरूर विडियो बनाओ आपके शब्द हमारे लिए बहुत मायने रखते हैं क्योंकि ये हमे जीवन मैं आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं सर जी बुद्ध जी का भी मानना था की इच्छाए हि संसार मैं दुख ओर पीड़ा का कारण है ये कुछ प्राप्त करने की चाहत ओर लालसा के अंतहीन चक्र में सन्निहित है जो हमे फसाए रखता है

आँगणि कुटी बँधाइ’ कवि ने ऐसा कहा है, क्योंकि–हम निंदक को अपने विचार समझाकर अपना मित्र बना सकें ।हम निंदक को सही तरीके से उचित जवाब दे सकें ।हम निंदक पर ठीक से नज़र रख सकें ।हम निंदक के द्वारा बताई गई हमारी गलतियों को सुधार सकें ।

सर मैं रिश्तेदारों सामने हिचकिचाता हूं ....और कैसे क्या कहना होता है.. मैं नहीं जानता .... घरवाले कहते हैं ..कि पढ़ता है फिर भी अक्ल नहीं है इसमें .... सर मैं कैसे अक्ल लाऊं..... क्रपया मार्गदर्शन कीजिए

मुहावरे और अर्थ के उचित मेल वाले विकल्प का चयन कीजिए–घोंघा होना - अत्यधिक परिश्रम करनाआड़े हाथों लेना - मूर्ख होनाजान तोड़ मेहनत करना - डाँटनाहिम्मत टूटना - साहस समाप्त होना

राम को कुटिया से निकलते देखकर मायावी हिरण कुलाचें भरने लगा। राम को बहुत छकाया। झाड़ियों में लुकता-छिपता-भागता वह राम को कुटिया से बहुत दूर ले गया। राम जब भी उसे पकड़ने का प्रयास करते, वह भागकर और दूर चला जाता। हिरण चालाक था। वह इतनी दूर कभी नहीं जाता था कि पहुँच से बाहर लगे। राम के सारे प्रयास विफल हुए। वे हिरण को पकड़ नहीं पाए। उन्होंने उसे जीवित पकड़ने का विचार त्याग दिया। धनुष उठाया। निशाना साधा और एक बाण उस पर छोड़ दिया। बाण लगते ही हिरण गिर पड़ा। धरती पर गिरते ही मारीच अपने असली रूप में आ गया। मारीच ने माया से केवल अपना रूप नहीं बदला था। आवाज़ भी बदल ली थी।अपनी आवाज़ राम जैसी बना ली थी। धरती पर पड़े हुए वह ज़ोर से चिल्लाया, हा  सीते! हा लक्ष्मण! ̧ ध्वनि ऐसी थी जैसे बाण राम को लगा हो।

1/3

Upgrade your grade with Knowee

Get personalized homework help. Review tough concepts in more detail, or go deeper into your topic by exploring other relevant questions.